मेरे अर्थ
मेरे भीतर छिपे अर्थ को व्यक्त करते शब्द
Saturday, July 12, 2014
वो इतवार नहीं आते
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हर चन्द रोज़ों के बाद, अब इतवार नहीं आते आ भी गए जो गर भूले से, तो वैसे शानदार नहीं आते यूं तो अब भी भीग जाते हैं बारिश में कभ...
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