मेरे अर्थ
मेरे भीतर छिपे अर्थ को व्यक्त करते शब्द
Tuesday, December 18, 2018
अक्सर आ जाता है, माज़ी से हाल में
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अक्सर आ जाता है, माज़ी से हाल में गुनाह रहता नहीं ठहरकर, क़ैद-ए-ख़याल में पूछता है सवाल, लहज़े में जवाब के कैसे दूँ जवाब, लहज़ा-ए-सवाल...
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