मेरे अर्थ
मेरे भीतर छिपे अर्थ को व्यक्त करते शब्द
Thursday, January 17, 2019
बग़ावत का ग़ुरूर किरदार की नादानी है
›
बग़ावत का ग़ुरूर किरदार की नादानी है ये उसकी नहीं किस्सागो की कहानी है कोई तो मसीहा गुज़रा होगा ज़रूर इस रस्ते लहू की बू ...
‹
›
Home
View web version